Wednesday, February 29, 2012

हर धड़कन पे लगता है दिल तुम हो

हर धड़कन पे लगता है दिल तुम हो
मेरे इस जीने का सबब बस तुम हो
हर धड़कन पे लगता है दिल तुम हो

कुछ है अफीम सा तस्सवुर में तेरे
क्यों हर शक्स पे लगता है तुम हो
मेरे इस जीने का सबब बस तुम हो
हर धड़कन पे लगता है दिल तुम हो

धुआं सा फैला है इस फ़िज़ा में आज
मुझे हर आहट पे लगता है तुम हो
मेरे इस जीने का सबब बस तुम हो
हर धड़कन पे लगता है दिल तुम हो

झोंका कहीं पर गुल पे से गुज़रता है
और हर खुशबू पे लगता है तुम हो
मेरे इस जीने का सबब बस तुम हो
हर धड़कन पे लगता है दिल तुम हो

मेरी राहों में कितने मोड़ मिलते हैं
हर एक मोड़ पे लगता है आगे तुम हो
मेरे इस जीने का सबब बस तुम हो
हर धड़कन पे लगता है दिल तुम हो

आज मिले मुझे एक पल के  लिए
तमन्ना थी कि जीने में वोही पल हो
मेरे इस जीने का सबब बस तुम हो
हर धड़कन पे लगता है दिल तुम हो

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