कोई पूछे तो क्यों कहते हो,
की तुम तन्हा छोड़ जाते हो।
मेरा दिल तुमसे धडकता है,
फिर क्यों मुझे छेड़ जाते हो।
ना हो कर तुम साथ होते हो,
मुझे हर मोड़ पे मिल जाते हो।
आँखों से आंख मिचोली कर,
तुम क्यों मुझे छेड़ जाते हो।
मेरी इन साँसों को बांधते हो,
तुम तो मेरी नब्ज़ जानते हो।
एक बार यूँ पल्कें झुका कर,
फिर क्यों मुझे छेड़ जाते हो।
तुम मेरे हर गम से मिलते हो,
और खुशियों में शामिल हो।
फिर मुझसे खुद को छुपा कर,
तुम क्यों मुझे छेड़ जाते हो।
आज तुम फिर मुझे देखते हो,
फिर तुम मेरी और बढ़ाते हो।
क्यों मुझसे ना बात कर के,
फिर क्यों मुझे छेड़ जाते हो।
तुम क्यों मुझे छेड़ जाते हो,
की तुम तन्हा छोड़ जाते हो।
मेरा दिल तुमसे धडकता है,
फिर क्यों मुझे छेड़ जाते हो।
ना हो कर तुम साथ होते हो,
मुझे हर मोड़ पे मिल जाते हो।
आँखों से आंख मिचोली कर,
तुम क्यों मुझे छेड़ जाते हो।
मेरी इन साँसों को बांधते हो,
तुम तो मेरी नब्ज़ जानते हो।
एक बार यूँ पल्कें झुका कर,
फिर क्यों मुझे छेड़ जाते हो।
तुम मेरे हर गम से मिलते हो,
और खुशियों में शामिल हो।
फिर मुझसे खुद को छुपा कर,
तुम क्यों मुझे छेड़ जाते हो।
आज तुम फिर मुझे देखते हो,
फिर तुम मेरी और बढ़ाते हो।
क्यों मुझसे ना बात कर के,
फिर क्यों मुझे छेड़ जाते हो।
तुम क्यों मुझे छेड़ जाते हो,
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