कभी धड़कनों का शोर था
आज खामोशियों का दौर है
तब गूँजती थीं मेरी ख्वाहिशें
आज सन्नाटों का अजब शोर है
आज बैठी हुई हैं धड़कनें
कहीं खो गई सारी हसरतें
कभी तेरे जाने का मलाल था
आज अपने होने का खार है
कभी वो दिल दूर होके पास था
आज पास होके भी बहुत दूर है
कभी तेरे आघोश कि चाह थी
आज वो दिल तेरी ज़ुल्फ़ से दूर है
हाथ बढ़ाया था मैंने भी कभी
कि तेरा दामन मेरे ही पास था
आज आके तू वो भी पूछ गया
दामन पे मेरा क्या इख्तियार है
ले गया छीन के मेरे ख़्वाब भी
जिन ख़्वाबों पे मेरा इख्तियार था
तू क्यों छोड़ गया फिर साँसें मेरी
इस ज़िस्म से साँस लेना बेकार है
लिए बैठा हूँ आज भी उम्मीद तेरी
क्यों तुझे मेरी उम्मीद से इंकार है
न बन सका तू मेरा हमसफ़र तो क्या
हमनफ़स तेरी सूरत का इन्तिज़ार है
आज खामोशियों का दौर है
तब गूँजती थीं मेरी ख्वाहिशें
आज सन्नाटों का अजब शोर है
आज बैठी हुई हैं धड़कनें
कहीं खो गई सारी हसरतें
कभी तेरे जाने का मलाल था
आज अपने होने का खार है
कभी वो दिल दूर होके पास था
आज पास होके भी बहुत दूर है
कभी तेरे आघोश कि चाह थी
आज वो दिल तेरी ज़ुल्फ़ से दूर है
हाथ बढ़ाया था मैंने भी कभी
कि तेरा दामन मेरे ही पास था
आज आके तू वो भी पूछ गया
दामन पे मेरा क्या इख्तियार है
ले गया छीन के मेरे ख़्वाब भी
जिन ख़्वाबों पे मेरा इख्तियार था
तू क्यों छोड़ गया फिर साँसें मेरी
इस ज़िस्म से साँस लेना बेकार है
लिए बैठा हूँ आज भी उम्मीद तेरी
क्यों तुझे मेरी उम्मीद से इंकार है
न बन सका तू मेरा हमसफ़र तो क्या
हमनफ़स तेरी सूरत का इन्तिज़ार है
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